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युवाओं में उद्यमिता का विकास और प्रोत्साहन सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता

युवाओं में उद्यमिता का विकास और प्रोत्साहन सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता

Published: 08 Sep, 2019

जिले में लोगों ने उत्साह से सुनी लोकवाणी

रिपोर्टर -विजय डाहिरे 

बेमेतरा - छत्तीसगढ़ की जनता से सीधा संवाद स्थापित करने के लिए मुख्यमंत्री भुपेश बघेल की मासिक रेडियोवार्ता लोकवाणी कार्यक्रम का श्रवण बेमेतरा जिले में उत्साह के साथ सुना गया। लोकवाणी के प्रसारण का रविवार 8 सितम्बर दुसरी कड़ी थी। जिले की सभी जनपद पंचायत सहित नगर पालिका एवं नगर पंचायतों ग्राम पंचायतों एवं छात्रावासों में भी सुना गया। जिसमें कलेक्टर श्रीमती शिखा राजपूत तिवारी एवं पुलिस अधीक्षक प्रशांत ठाकुर सहित जिला प्रशासन के अनेक अधिकारियों ने उपस्थित होकर नागरिकों के बीच इसका श्रवण किया। मुख्यमंत्री ने अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर प्रसारित इस वार्ता में छत्तीसगढ़ को पूर्ण साक्षर बनाने के लिए सभी के सहयोग का आव्हान किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्रारंभ किए गए ‘मुख्यमंत्री शहरी कार्यात्मक साक्षरता कार्यक्रम’ के माध्यम से प्रदेश के 14 वर्ष से 60 वर्ष तक आयु के लोगों को डिजिटल साक्षर बनाया जाएगा। शिक्षा का अधिकार कानून के तहत 12वीं कक्षा तक निःशुल्क शिक्षा के अधिकार का विस्तार किया गया है। श्री बघेल ने प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग को 27 प्रतिशत, अनुसूचित जाति को 13 प्रतिशत, अनुसूचित जनजातियों को 32 प्रतिशत और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने के निर्णय का उल्लेख करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में 82 प्रतिशत का आरक्षण सामाजिक न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

लोकवाणी में थानखम्हरिया तहसील के ग्राम ढेलका निवासी गुलाब राम साहू ने स्थानीय युवाओं के नियोजन के संबंध में प्रश्न पुछा। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में स्थापित उद्योग धंधों में स्थानीय युवाओं को प्राथकिता दी जाएगी। एन.एम.डी.सी की भर्ती अब हैदराबाद के बजाए दंतेवाड़ा में होगी। इसी तरह बस्तर एवं सरगुजा अंचल में होने वाली भर्ती में स्थानीय युवाओं को नौकरी मेें प्राथमिकता दी जाएगी।  रेडियो कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में शिक्षकों की नियमित भर्ती की प्रक्रिया शुरू की गई है। कॉलेजों में भी डेढ़ हजार प्राध्यापकों की भर्ती होगी। युवाओं को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं में उद्यमिता का विकास और प्रोत्साहन हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। युवाओं के साथ प्रदेश के सामाजिक, आर्थिक विकास के मोर्चे पर बड़े अभियान प्रारंभ किए जाएंगे। युवाओं की प्रतिभा लगन, मेहनत और जुनून से इसमें हमें अवश्य सफलता मिलेगी। प्रदेश में एक ऐसा सपोर्ट सिस्टम विकसित किया जाएगा। जिसकी सहायता से युवा अपना कौशल विकसित कर सकें।

उन्होंने लोकवाणी के माध्यम से कड़वी पर सच्ची बात बताया कि छत्तीसगढ़ में 2011 के जनगणना के अनुसार 70.28 प्रतिशत लोग साक्षर थे। जिसमें 80.27 प्रतिशत पुरूष और 60.27 प्रतिशत महिला वर्ग से थे। साक्षरता का आंकलन प्रत्येक 10 साल में होता है अर्थात साक्षरता का नया आकड़ा 2021 की जनगणना के बाद आएगा, लेकिन एक अनुमान है कि 2011 से 2018 के बीच हुए प्रयासों के बावजूद आज भी राज्य में लगभग एक चैथाई आबादी साक्षर नहीं है। मेरा मानना है कि साक्षरता तो शिक्षा का द्वार है। यदि प्रदेश की एक चैथाई जनता साक्षरता की चैखट तक भी नहीं पहुंची है तो मानव विकास के तमाम आंकड़े बेमानी हैं। कुपोषण, शिशु मृत्यु दर, मातृ मृत्यु दर, बीमारियों आदि को लेकर यदि जागरूकता में कहीं कोई कमी है तो इसका सीधा रिश्ता साक्षरता से जुड़ता है।

18 साल में पहली बार शिक्षाकर्मियों को ट्रांसफर की सुविधा दी। राज्य में 1 लाख 45 हजार शिक्षाकर्मी हैं, जिसमें से 1 लाख 25 हजार का संविलियन कर लिया गया है। शेष का संविलियन भी निर्धारित समय-सीमा, उनकी 8 साल की सेवा पूरी होने पर हो जाएगा। नियमित होने से वेतन विसंगति का मामला भी हल हो जाएगा। जो छोटी-मोटी समस्याएं आती रहेंगी, उसका समाधान भी होता रहेगा, आप लोगों को कोई चिन्ता करने की जरूरत नहीं पडे़गी। जहां तक 15 हजार शिक्षकों की भर्ती का मामला है, तो मैं आपको बताना चाहता हूं, इसमें कहीं कोई दिक्कत नहीं है। व्यापम द्वारा परीक्षा ली जा चुकी है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने प्रदेश में दो दर्जन नये कॉलेज खोलने की तैयारी कर ली है। जिसमें से 7 मॉडल डिग्री कॉलेज नक्सल प्रभावित तथा अत्यंत पिछड़े क्षेत्रों में खोले जा रहे हैं। मेरा मानना है कि अगर हमारे युवा साथी कुछ कर गुजरने की ठान लेते हैं और सही रास्ता अपनाते हैं तो आपको लक्ष्य पर पहुंचने से कोई रोक नहीं सकता। युवाओं की असीम ऊर्जा का उपयोग सिर्फ पढ़ाई-लिखाई तक सीमित नहीं है। आप लोगों के साहस और कौशल ने बड़े-बड़े मुकाम हासिल किये हैं। ऐसा कोई क्षेत्र नहीं है जहां हमारे युवा साथी अपने पैरों के निशान नहीं छोड़ सकते। इसलिए हम युवाओं को सिर्फ नौकरी तक सीमित रखने की मानसिकता नहीं रखते, बल्कि यह चाहते हैं कि वे हर क्षेत्र में नाम कमायें। इसलिए इस प्रदेश में एक ऐसा ‘सपोर्ट सिस्टम’ बनाना चाहते हैं कि युवा अपना कौशल विकसित करें और अपना रास्ता खुद बना लें। मुख्यमंत्री ने रेडियो वार्ता में बताया कि राज्य में खेल प्राधिकरण गठित किया जाएगा। इसके तहत पूरे राज्य में खेल स्कूल, खेल अकादमी आदि संस्थाएं संचालित की जायेंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में ‘मुख्यमंत्री शहरी कार्यात्मक साक्षरता कार्यक्रम’ शुरू किया गया है। इसके अंतर्गत 27 जिलों में 36 केन्द्र बनाये गये हैं। 14 वर्ष से 60 वर्ष आयु तक के लोगों को इन केन्द्रों में ‘डिजिटल साक्षर’ बनाया जायेगा। आज के युग में कम्प्यूटर, मोबाइल एप्प आदि का चलन है। यदि हम लोगों को ‘डिजिटल साक्षर’ बना देंगे तो उनके व्यक्तित्व विकास, पालक की जिम्मेदारी का निर्वाह, वित्तीय-कानूनी आदि जानकारियां, कौशल विकास, आत्मरक्षा आदि से नागरिकों का सशक्तीकरण किया जा सकेगा। रेडियोवार्ता कार्यक्रम के दौरान जिला पंचायत के सीईओ प्रकाश कुमार सर्वे, एएसपी. विमल कुमार बैस, नुविभागीय अधिकारी राजस्व आशुतोष चतुर्वेदी, मुख्य नगर पालिका अधिकारी होरी सिंह ठाकुर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, डाॅ.एस.के.शर्मा, सिविल सर्जन डाॅ.एस.के.पाल, डीईओ सी.एस.धु्रव, सहायक आयुक्त आदिवासी विभाग श्रीमती मेनका चन्द्राकर, अवनिश राघव, टी.आर.जनार्दन, जोगेन्द्र छाबड़ा पार्षद श्रीमती रश्मि मिश्रा, रीता पाण्डे, सुमन कुमार गोस्वामी, उपस्थित थे।



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